सफलता की कहानी  सरकारी योजना, बैंक सहयोग और प्रशिक्षण से सूक्ष्म उद्योग स्थापित कर मिला रोजगार और सम्मान

सफलता की कहानी 

 

सरकारी योजना, बैंक सहयोग और प्रशिक्षण से सूक्ष्म उद्योग स्थापित कर मिला रोजगार और सम्मान

 

सागर 

 

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने के इच्छुक युवाओं के लिए एक प्रभावी और सफल योजना सिद्ध हो रही है। इसी योजना से लाभान्वित हुईं दीपा दीक्षित ने अपने स्वावलंबन की प्रेरक कहानी साझा की है।

दीपा दीक्षित, निवासी सागर, 12वीं उत्तीर्ण हैं। पढ़ाई पूर्ण करने के बाद स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से उन्होंने सागर में एक सोना-चांदी की दुकान पर कार्य सीखकर अपने कौशल को निखारा। व्यवसाय शुरू करने हेतु पूंजी की आवश्यकता होने पर उन्होंने बैंक से संपर्क किया, जहाँ बैंक प्रबंधक ने उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ऋण लेने का सुझाव दिया।

 

इसके पश्चात उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र में संपर्क किया, जहाँ सहायक प्रबंधक द्वारा योजना की विस्तृत जानकारी, आवश्यक दस्तावेज एवं ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समझाई गई। अनुभव होने के कारण बैंक ने भी ऋण स्वीकृति में सहयोग किया। प्रोजेक्ट रिपोर्ट सी.ए. द्वारा तैयार कराई गई और परीक्षण उपरांत बैंक ऑफ बड़ौदा, गुजराती बाजार, सागर से ऋण स्वीकृत हुआ।

 

उद्यमिता विकास का 10 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर दीपा ने आभूषण निर्माण हेतु मशीनें स्थापित कीं। कुल 57.75 लाख रुपये की परियोजना में उन्हें 12.50 लाख रुपये की सब्सिडी का लाभ मिला। वे 5 कारीगरों को रोजगार प्रदान कर रही हैं।