सफलता की कहानी
सागर ।सूक्ष्म उद्योग स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) एक अत्यंत सफल एवं प्रभावी योजना सिद्ध हो रही है। इसी योजना से लाभान्वित होकर श्री शादाब अली, निवासी बीना, जिला सागर ने स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि
वे 12वीं उत्तीर्ण हैं। पढ़ाई पूर्ण करने के पश्चात स्वावलंबी बनने के उद्देश्य से उन्होंने सागर में एक स्टील वर्कशॉप में कार्य सीखने से शुरुआत की। लगभग दो वर्षों तक कार्य का अनुभव प्राप्त करने के बाद उन्होंने स्वयं की स्टील वर्कशॉप एवं स्टील अलमारी निर्माण इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया।
व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु पूंजी की आवश्यकता होने पर उन्होंने बैंक से संपर्क किया। बैंक प्रबंधक द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत ऋण लेने की सलाह दी गई। इसके पश्चात उन्होंने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (DIC) में संपर्क किया, जहाँ संबंधित अधिकारी द्वारा योजना की विस्तृत जानकारी, आवश्यक दस्तावेजों की सूची तथा ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया समझाई गई।
स्टील अलमारी निर्माण कार्य का अनुभव होने के कारण बैंक द्वारा उनके ऋण प्रस्ताव पर सहमति प्रदान की गई। प्रोजेक्ट रिपोर्ट सी.ए. के माध्यम से तैयार कर आवेदन किया गया। परीक्षण उपरांत उनका प्रकरण केनरा बैंक शाखा, बीना में स्वीकृत हुआ, जिसकी सूचना उन्हें एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हुई। आवश्यक बैंक औपचारिकताएँ एक सप्ताह में पूर्ण की गईं।
ऋण स्वीकृति से पूर्व उन्हें 10 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण ऑनलाइन प्राप्त हुआ, जिसमें उद्यमिता, कौशल विकास, लेखांकन, टैक्सेशन एवं मार्केटिंग की जानकारी दी गई।
कुल 9.40 लाख रुपये की परियोजना में बैंक द्वारा 5.00 लाख रुपये मशीनरी एवं 4.40 लाख रुपये कच्चे माल हेतु स्वीकृत किए गए। मशीनों की स्थापना के उपरांत कार्य प्रारंभ किया गया। वर्तमान में वे 10 कारीगरों को रोजगार प्रदान कर रहे हैं। उन्हें शासन से 3,46,500 रुपये की सब्सिडी का लाभ भी प्राप्त हुआ है।


