सफलता की कहानी  मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से भगवान सिंह दांगी ने किराना व्यवसाय स्थापित कर स्वावलंबन पाया सरकारी योजना, बैंक सहयोग और मार्गदर्शन से किराना शॉप बनी स्थायी आय का स्रोत

 

 

सागर ।मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना प्रदेश के युवाओं और छोटे व्यवसाय शुरू करने के इच्छुक लोगों के लिए एक प्रभावी योजना सिद्ध हो रही है। इस योजना से लाभान्वित होकर श्री भगवान सिंह दांगी ने न केवल अपना व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है।

 

श्री भगवान सिंह दांगी द्वारा किराना शॉप प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 3.00 लाख रुपये का ऋण लिया गया। उन्हें यह ऋण बैंक ऑफ इंडिया, शाखा सागर से प्राप्त हुआ। इस व्यवसाय के माध्यम से वे स्वयं स्वावलंबी बने हैं और साथ ही दो अन्य व्यक्तियों को भी रोजगार प्रदान कर रहे हैं।

श्री भगवान सिंह का कहना है कि किराना शॉप शुरू करने में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, सागर के अधिकारियों का विशेष सहयोग और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्हें समाचार पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क किया। कार्यालय की महाप्रबंधक द्वारा उन्हें योजना की विस्तृत जानकारी दी गई और योजना का लाभ लेकर किराना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।

 

उन्होंने बताया कि योजना के प्रावधानों के अनुसार बैंक ऋण पर 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ भी प्राप्त होगा। विभाग के माध्यम से 4.50 लाख रुपये का प्रकरण तैयार कर बैंक ऑफ इंडिया शाखा सागर को प्रेषित किया गया, जिसमें उनका स्वयं का अंशदान 80,000 रुपये था। ऑनलाइन प्रकरण बैंक को भेजे जाने के बाद बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया।

वर्तमान में श्री भगवान सिंह द्वारा किराना व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। इस व्यवसाय से उन्हें प्रति माह लगभग 25,000 रुपये की आय हो रही है तथा बैंक की ऋण किश्तें भी नियमित रूप से जमा की जा रही हैं। श्री भगवान सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना उनके लिए वरदान साबित हुई है,