भावांतर राशि नही मिली, किसानों में आक्रोश।
किसानों का सात दिन बाद होगा आमरण अनशन।
कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवर सिंह के साथ दो हजार किसानों ने दिया ज्ञापन ।
शाहगढ़। भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत सोयाबीन बेचने वाले शाहगढ़ के किसानों को भावांतर की राशि अब तक नहीं मिली है। दो महीना बीत जाने के बाद भी भावांतर की राशि नहीं मिलने पर कांग्रेस के पूर्व विधायक तरवर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं समेत दो हजार से अधिक अक्रोशित किसान सभी पैदल चलकर तहसील कार्यालय पहुंचे और जिला प्रशासन के नाम ज्ञापन सौपा और सात दिन की समय सीमा देकर कांग्रेसी विधायक और किसानों ने आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है। अनुभिवागीय अधिकारी एस डी एम नवीन सिंह से गठित की गई टीम की तीन दिन में जांच के बाद ही भावांतर राशि का भुगतान होने का आश्वासन मिला लेकिन किसानों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला। भावांतर भुगतान योजना के लिए बनाई गई हेल्प लाइन नंबर भी अब बंद हो गया।
....शाहगढ़ में किसानों की सुनवाई नहीं....
बुधवार को पूर्व विधायक तरवर सिंह सहित दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे किसानों का कहना है कि एक तरफ तो भावांतर भुगतान योजना का पेमेंट नहीं मिला है, वहीं, खाद गोदाम प्रभारी डी के रावत द्वारा रासायनिक खाद की कालाबाजारी की जा रही है अधिक कीमत देने के बाबजूद टोकन लेने के लिए भी दिनभर लाइन में लगना पड़ रहा है भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत पंजीकृत किसानों को सोयाबीन बेचने पर एमएसपी दर 5328 प्रति क्विंटल के अनुसार डिफरेंस की राशि प्रदेश सरकार द्वारा दी जानी है। भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत समूचे मध्यप्रदेश के किसानों को जिन्होंने सोयाबीन बेचा उन्हें भावांतर राशि उनके खातों में मिल चुकी है लेकिन शाहगढ़ मंडी में के किसी भी किसानों को भावांतर की राशि नहीं मिली है।
....एक माह से कर रहे भावांतर राशि का इंतजार...
शाहगढ़ वार्ड निवासी किसान प्रकाश चंद जैन ने बताया "भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत 23 नवंबर को सोयाबीन स्वयं बेचा था, भावांतर की राशि उन्हें अभी तक प्राप्त नहीं हुई है," किसान करण यादव ने बताया "19 नवंबर को सोयाबीन भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत बेचा था, लेकिन बैंक खाते में अब तक रुपए प्राप्त नहीं हुए,"
.....सात दिन बाद विधायक और किसान करेंगे आमरण अनशन...
पूर्व विधायक तरवर सिंह ने कहा "मौसम की मार की वजह से फसल की गुणवत्ता खराब हुई है इसमें किसानों का क्या दोष है, पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि किसान का हर एक दाना खरीदा जाएगा लेकिन अब खराब क्वालिटी के नाम पर ₹3500 प्रति क्विंटल से नीचे बिकने वाले सोयाबीन को भावांतर भुगतान योजना में शामिल ही नहीं किया गया है,"विधायक ने ज्ञापन सौंपा जिसमें सात दिन में और किसानों को उनकी भावांतर राशि नही मिली तो किसानों के साथ तहसील कार्यालय प्रांगण में आमरण अनशन करने का अल्टीमेटम दिया।
....जांच टीम कर रही है राशि भी खाते में पहुंचेगी...
किसानों की समस्या को लेकर कृषि विभाग के उप संचालक राजेश त्रिपाठी का कहना है कि भावांतर योजना में शामिल किसानों की जांच हो रही हैं शीघ्र ही उन्हें राशि बैंक खातों में मिल जाएगी।
ज्ञापन उपरांत बौखलाए किसानों को शांत कराते हुए एसडीएम नवीन सिंह ने बताया कि जांच शुरू हो गई है तीन दिन में राशि का भुगतान हो जाएगा।वहीं, शाहगढ़ मंडी में भावांतर की खरीदी 3 दिन बंद रहने के सवाल पर मंडी सचिव जी एल अहिरवार ने पोर्टल में तकनीकी समस्या होने की वजह से खरीदी नहीं किए जाने और किसानों को 1 जनवरी तक सोयाबीन भावांतर योजना के अंतर्गत बेचने नहीं लाने की अपील की है।
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