एसआईआर सर्वे में नो-मैपिंग में आए 1153 मतदाताओं को जारी नोटिस। मतदाता सूची से नाम कटने के डर से दस्तावेज लेकर लोग पहुंच रहे तहसील

एसआईआर सर्वे में नो-मैपिंग में आए 1153 मतदाताओं को जारी नोटिस।

 

मतदाता सूची से नाम कटने के डर से दस्तावेज लेकर लोग पहुंच रहे तहसील

 

 

शाहगढ़।एसआईआर सर्वे के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं जो यह नहीं बता पाए कि वर्ष 2003 में उनका या उनके माता-पिता का नाम किस शहर या गांव की मतदाता सूची में था। शाहगढ़ क्षेत्र में ऐसे 1153 मतदाताओं को नोटिस जारी कर जरुरी दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया। समय पर दस्तावेज उपलब्ध न कराने पर इनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। नाम कटने के डर से सैकड़ों की संख्या में लोग दस्तावेज लेकर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के सामने दस्तावेज लेकर पहुंच रहे हैं।

 

तहसीलदार जीसी रॉय ने बताया कि सर्वे के दौरान बीना तहसील में 1153 मतदाता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। इन सभी को नोटिस जारी कर सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरणअधिकारी के सामने दस्तावेज प्रस्तुत करने का समय दिया गया। शाहगढ़ में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और जनपद सीईओ दस्तावेजों को अवलोक कर मैपिंग का कार्य करा रहे हैं। मैपिंग करने के लिए वर्ष 2003 के पूर्व जारी हुए जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण, डाक घरों में खुलवाए गए खाते, एलआईसी पॉलिसी, जन्म प्रमाण पत्र, बोर्ड क्लास की मार्कशीट, वन अधिकार प्रमाण पत्र, भूमि स्वामी संबंधी दस्तावेजों मांगें जा रहे हैं। इसमें भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, खासतौर से अनुसूचित जनजाति वर्ग के कई लोगों के पास इनमें से कोई दस्तावेज नहीं है। इसके चलते उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। घंटों लाइन में लगने के बाद भी उनकी मैपिंग नहीं हो पा रही है। यदि यह लोग समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाएंगे तो इनके नाम मतदाता सूची से काट दिए जाएंगे।

 

....प्रतिदिन 50 लोगों के नोटिस पर सुनवाई कर रहे शाहगढ़ तहसीलदार ...

 

तहसीलदार ने बताया कि जारी हुए 1153 नोटिस में से प्रतिदिन 50 नोटिस पर सुनवाई की जा रही है। तहसील कार्यालय पहुंचे अमरमऊ निवासी क़ासिम ख़ान ने बताया कि उन्हें बीएलओ ने नोटिस दिया था। नोटिस और आधार कार्ड लेकर तहसील पहुंचे, लेकिन यह 2003 के पहले का न होने के कारण मैपिंग नहीं हो सकी वजह बर्ष 1995 में शाहगढ़ नगर में रह रहे थे उसके बाद अमरमऊ में रहने लगे नाम तो कट गया लेकिन 2003 की सूची में जुड़ नहीं पाया।इसी तरह नोटिस लेकर और भी लोग निर्वाचन आयोग द्वारा मांगें गए दस्तावेजों को दिखाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। दस्तावेज के अभाव में कई दर्जनों लोग तहसील में परेशान होते नजर आए। इसके अलावा उड़ीसा से शादी करके आईं महिलाएं भी आवश्यक दस्तावेज नहीं दे पा रही हैं, जिससे उनकी भी मैपिंग नहीं हो पा रही है।

 

फोटो सहित