दादी का अस्थि विसर्जन कर लौटे  युवक ने घर में लगाई फांसी ।

 दादी का अस्थि विसर्जन कर लौटे 

युवक ने घर में लगाई फांसी ।

 

 

शाहगढ़। कानीखेड़ी गांव में 30 वर्षीय युवक हरीसिंग यादव ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली, गुरुवार को दादी की अस्थि विसर्जन कर घर लौटा था,शुक्रवार सुबह 11 बजे के दरमियान उसने फांसी को अंजाम दे दिया। परिवार जनों द्वारा महोबा में की गई मारपीट और प्रताड़ित करने की बताई जा रही हैं, पोस्मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

 

...घर में फंदे से झूलता मिला युवक का शव....

मामला थाना क्षेत्र के कानीखेड़ी गांव का है, जहां 30 वर्षीय हरीसिंग यादव का शव उसके ही घर में फंदे से झूलता मिला, शुक्रवार के दिन करीब 11 बजे चारा काटकर घर वापिस लौटे पिता कुंजीलाल से घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई, शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि यह केवल आत्महत्या की वजह दादी के अस्थि विसर्जन के दौरान महोबा में मृतक और उसके साले राघवेंद्र के साथ हुई मारपीट की एक दर्दनाक कहानी है।

 

मृतक टैक्सी चालक के अलावा कृषक भी था, वहीं मकर संक्रांति को लेकर भाई भाभी को उसके मायके छोड़ने गया था, पिता चारा काटने खेत गए थे घर में कोई नहीं था मौका देख हरीसिंग ने फांसी लगाकर जान दे दी।

मृतक के साले राघवेंद्र का आरोप है कि दादी की अस्थि विसर्जन कर इलाहाबाद से जीप से वापिस लौट रहे थे तभी रास्ते में हम दोनों के साथ यूपी के झांकर गांव निवासी सगे चाचा के परिवार के लोगों ने मारपीट कर दी, जिसकी शिकायत महोबा पुलिस थाना में दर्ज कराई थी लेकिन पारिवारिक मामला होने पर पुलिस ने गंभीरता से विचार नही किया और सभी को समझाया और छोड़ दिया। इसी अपमान और तनाव से टूटकर उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

पुलिस के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।