सिगरेट और पान मसाला: इन उत्पादों पर 40% तक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लागू होगा

तंबाकू उत्पादों के शौकीनों के लिए एक बड़ी खबर है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, 1 फरवरी 2026 से पान मसाला, सिगरेट और बीड़ी जैसे उत्पाद काफी महंगे होने जा रहे हैं。

सरकार ने इन हानिकारक उत्पादों पर जीएसटी के अतिरिक्त अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) और स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर (Health and National Security Cess) लगाने का निर्णय लिया है。

???? नए टैक्स और कीमतों का गणित:

सबसे ज्यादा मार गुटखा पर: गुटखा और चबाने वाले तंबाकू पर 91% तक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा。

सिगरेट और पान मसाला: इन उत्पादों पर 40% तक अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य उपकर लागू होगा。

बीड़ी पर भी असर: बीड़ी पर 18% जीएसटी के अलावा अतिरिक्त उपकर लगाया जाएगा。

जीएसटी में वृद्धि: 1 फरवरी से कुछ उत्पादों पर जीएसटी दर 12% से बढ़कर 40% तक हो सकती है。

???? कंपनियों और राजस्व पर प्रभाव:

शेयरों में गिरावट: इस फैसले के बाद तंबाकू और सिगरेट बनाने वाली प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 17% तक की भारी गिरावट देखी गई है。

राज्यों को भी हिस्सा: उत्पाद शुल्क से होने वाली अतिरिक्त कमाई का एक निश्चित हिस्सा वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों में बांटा जाएगा。

नया नियम (नियम-2026): सरकार ने चबाने वाले तंबाकू और गुटखा के लिए पैकेट पर घोषित खुदरा बिक्री मूल्य (MRP) के आधार पर मूल्यांकन का नया मैकेनिज्म शुरू किया है。

उद्देश्य: सरकार का यह कदम न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और हानिकारक उत्पादों के सेवन को कम करना भी है।