शाहगढ़ के छह गल्ला व्यापारियों पर एफ आई आर दर्ज करने पर हाई कोर्ट का एक्शन ।
हाई कोर्ट का बेहद कड़ा रुख, मंडी बोर्ड सागर उप संचालक के साथ शाहगढ़ मंडी सचिव को नोटिस जारी।
हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी...सिर्फ शक पर आपराधिक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती’।
शाहगढ़।एमपी हाईकोर्ट ने शाहगढ़ के अफसरों पर सख्ती दिखाई है और मंडी बोर्ड सागर उप संचालक के साथ शाहगढ़ मंडी सचिव को नोटिस जारी करके खलबली मचा दी है। दरअसल मध्यप्रदेश के शाहगढ़ में भावांतर योजना में सोयाबीन की खरीदी में अनियमितता को लेकर व्यापारियों पर हुई एफ आई आर की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस देकर 30 तारीख को तलब किया।
हाईकोर्ट ने केवल शक के आधार पर गल्ला व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अहम बात कही है। दरअसल व्यापारी रश्मि पति अरविंद गुप्ता ने अग्रिम जमानत हेतू हाई कोर्ट के सम्रेश कटारे, अधिवक्ता एवं एकांशु लोहाना, अधिवक्ता की ओर से यह याचिका दायर की है।
सिर्फ शक पर आपराधिक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती,.... हाई कोर्ट
शाहगढ़ के गल्ला व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट से नोटिस मिलते ही मंडी बोर्ड में खलबली मच गई। दरअसल गल्ला व्यापारी रश्मि पति अरविंद गुप्ता ने अग्रिम जमानत हेतू अधिवक्ता की ओर से याचिका लगाई थी। एमसीआरसी क्र. 503/2026 (रश्मि गुप्ता बनाम राज्य शासन) मध्य प्रदेश भावान्तर भुगतान योजना सम्बंधित मामले में दिनांक 21 जनवरी को पारित आदेश में राज्य शासन की कार्यवाही पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि संबंधित व्यापारी पर अपराध किस प्रकार बनता है तथा एफआईआर किस आधार पर दर्ज की गई, हाई कोर्ट ने कहा कि सिर्फ संदेह मात्र पर आपराधिक प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकती। हाई कोर्ट ने एफआईआर दर्ज कराने वाले शाहगढ़ मंडी सचिव जी एल अहिरवार एवं आर.पी. चक्रवर्ती, उप संचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय सागर के अलावा राज्य शासन के अधिवक्ता को निर्देशित किया है कि वे 30जनवरी को मामले के पूर्ण तथ्यों को स्पष्ट करने उपस्थित हों।
....किसानों को नही मिली भावांतर राशि..
22 नवंबर को शाहगढ़ मंडी में पहुंची मंडी बोर्ड की जांच टीम ने भावांतर योजना अंतर्गत व्यापारियों द्वारा खरीदे गया सोयाबीन स्टॉक में अंतर होने पर पांच फर्मो पर एफ आई आर और तीन फर्मों से पांच गुना जुर्माना वसूल किया गया था। किसानों द्वारा बेची गई सोयाबीन की फसल का भावांतर राशि अभी तक नही मिल पाई, जांच का हवाला देकर अधिकारी पिछले दो माह से किसानों की राशि का भुगतान करवाने रोक लगा रखी है, आपको बता दे कि वर्तमान में सोयाबीन 55 सौ रुपए प्रति क्विंटल का हो गया है, जबकि शासन से भावांतर रेट कम तय किया गया था।
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