➡️ परीक्षा के दौरान तनाव कैसे दूर करें श्रृंखला
➡️ विद्यार्थी कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखकर हिंदी विषय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं
हिंदी का प्रश्नपत्र हल करते समय सभी प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ना और समझना चाहिए।स्पष्ट लेखन हमारी प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है, विद्यार्थियों को शुद्ध वर्तनी, विराम चिन्ह तथा व्याकरण के नियमों का विशेष ध्यान रखते हुए लेखन को प्रभावशाली बनाने का अभ्यास करना । विद्यार्थियों के लिए हिंदी का पाठ्यक्रम चार भागों में विभाजित किया जा सकता है
➡️ खंड (क)- अपठित गद्यांश
गद्यांश का उद्देश्य छात्रों की तर्क क्षमता और मानसिक विकास को बढ़ाना है। इसके लिए यदि गद्यांश को पढ़ते समय प्रश्नों का अध्ययन पहले कर लिया जाए, तो उत्तर खोजने में आसानी होगी और समय की बचत होगी।
गद्यांश का केंद्र बिंदु ही शीर्षक होता है। शीर्षक सदैव संक्षिप्त और सटीक होना चाहिए।
सारांश लिखते समय मूल विषय को अपने शब्दों में लिखने का प्रयास करें।
➡️ खंड-(ख)- व्याकरण की समझ
हिंदी लेखन में व्याकरण आधार स्तंभ का काम करती है। रस ,छंद ,अलंकार,संधि ,समास जैसे महत्वपूर्ण विषय ,जिसमें काव्य बोध और भाषा बोध सम्मिलित हैं, उदाहरण सहित लिखकर याद करने से लेखन की अशुद्धियों को दूर किया जा सकता है।
गद्य की विधाओं का अध्ययन, प्रमुख विधाओं में अंतर,साहित्य का परिचय आदि विषयों के चार्ट बनाकर महत्वपूर्ण बिंदुओं को याद रखने में आसानी होती है। मुहावरे और लोकोक्ति का अभ्यास व्याकरण पक्ष को मजबूत बनाता है।
➡️ खंड(ग)- पाठ्यपुस्तक आधारित प्रश्न गद्य/पद्य
पाठ्य पुस्तक पर आधारित प्रश्नों के लिए अध्ययन करते समय छोटे-छोटे प्रश्न बनाकर ,अभ्यास करने से आसानी से पाठ्यवस्तु को समझा जा सकता है। उत्तर लिखते समय सुव्यवस्थित क्रम का अभ्यास करें तथा महत्वपूर्ण अंश को रेखांकित करें, प्रश्न क्रमांक का स्पष्ट उल्लेख करते हुए शब्द सीमा को ध्यान में रखकर , सटीक उत्तर देने से समय की बचत होती है। अभ्यास के लिए ब्लूप्रिंट को ध्यान में रखना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। गद्य और काव्य की व्याख्या करते समय पाठ और रचनाकार का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
➡️ खंड (घ)- रचनात्मक लेखन
सतत् अभ्यास आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है, रचनात्मक लेखन के अंतर्गत निबंध ,पत्र ,संवाद,जैसे महत्वपूर्ण विषय आते हैं।ये सभी फॉर्मेट वाले प्रश्न है इनका लिखकर अभ्यास करना चाहिए।
पत्र या आवेदन कभी भी दो पेज में नहीं जाना चाहिए। निबंध लेखन में रूपरेखा के व्यवस्थित क्रम का विशेष महत्व होता है ,इसका ध्यान रखें तथा यथास्थान सुविचार प्रस्तुत कर निबंध की प्रभावशीलता को बढ़ाया जा सकता है।
➡️ अन्य महत्वपूर्ण बिंदु
1-याद करने के लिए शब्दसूत्र (ट्रिक) का सहारा लिया जा सकता है जो अध्ययन को रोचक बनाते हैं।
2-लेखन शैली में स्पष्टता , क्रमबद्धता होने से लेखन प्रभावशाली बनता है।
3-सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है समय का प्रबंध इसके लिए घड़ी में समय देखकर 2:30 घंटे में विगत वर्षों के प्रश्न पत्र का अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता ।
4-फॉर्मेट वाले सभी प्रश्न लिखकर याद करें।
5-परीक्षा काल में संतुलित आहार लें तथा स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अनावश्यक तनाव से बचें
विद्यार्थी कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखकर हिंदी विषय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं। हिंदी का प्रश्नपत्र हल करते समय सभी प्रश्नों को ध्यान पूर्वक पढ़ना और समझना चाहिए।स्पष्ट लेखन हमारी प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है, विद्यार्थियों को शुद्ध वर्तनी, विराम चिन्ह तथा व्याकरण के नियमों का विशेष ध्यान रखते हुए लेखन को प्रभावशाली बनाने का अभ्यास करना। इसके लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है।
इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा करते हैं--
पाठ्यपुस्तक क्षितिज और कृतिका से सभी पाठों के सारांश और शब्द संपदा का ध्यान पूर्वक अध्ययन करने से वस्तुनिष्ठ प्रश्न समझने में आसानी होती है, अनुक्रमणिका याद रहने से व्याख्या करते समय संशय की स्थिति से बचा जा सकता है। संपूर्ण प्रस्तुतीकरण की क्षमता प्रत्येक बच्चे में भिन्न-भिन्न होती है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार यदि पाठ्यक्रम को दो या तीन भागों में विभाजित कर लिया जाए तो तनाव से मुक्ति मिलती है। लेखक या कवि की रचनाओं को याद करने के लिए शब्दसूत्र (ट्रिक) का सहारा लेने से स्पष्ट उत्तर याद रहते हैं। समय प्रबंधन के लिए गत वर्ष के प्रश्न पत्रो अथवा अभ्यास प्रश्न पत्रों को निश्चित समय सीमा में लिखकर अभ्यास करने से आत्मविश्वास बढ़ता है। आत्मविश्वास को सफलता की कुंजी कहा जाता है,इसलिए सतत् अभ्यास पर ध्यान केन्द्रित कर बेहतर अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। अपठित बोध में मूल विषय पर ध्यान केंद्रित करने से शीर्षक और सारांश के प्रश्न हल करने में सहायता मिलती है। व्याकरण के नियमों को रटने की वजह समझ कर याद करने से कठिनाई से बचा जा सकता है।
रचनात्मक कौशल के अंतर्गत निबंध ,पत्र/आवेदन,संवाद, अनुच्छेद, विज्ञापन आदि को सम्मिलित किया जाता है। यह सभी प्रश्न निश्चित प्रारूप में लिखने का अभ्यास करना आवश्यक है। ऐसा करने से लेखन प्रभावशाली और आकर्षक बनाता है। परीक्षा के दौरान सकारात्मक सोच, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करने से विद्यार्थी श्रेष्ठतम परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। विद्यार्थी कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखकर हिंदी विषय में पूर्ण अंक प्राप्त कर सकते हैं। हिंदी हमारी मातृभाषा होने के साथ-साथ भावों और विचारों की अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त साधन है। शिक्षा को समाज के उत्थान की प्रथम सीढ़ी माना जाता है,इसलिए हिंदी का प्रश्नपत्र हल करते समय सभी प्रश्नों को ध्यान पूर्वक पढ़ना और समझना चाहिए।स्पष्ट लेखन हमारी प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए। विद्यार्थियों के द्वारा शुद्ध वर्तनी, विराम चिन्ह तथा व्याकरण के नियमों का विशेष ध्यान रखते हुए लेखन को प्रभावशाली बनाने का अभ्यास करना सफलता की ओर अग्रसर करता है,इसके लिए निरंतर अभ्यास आवश्यक है।
अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु है प्रारूप लेखन का सतत् अभ्यास करना। स्वयं के लिए समय सारणी का निर्माण आवश्यक है इससे आत्मविश्वास बढ़ता है। विषय वस्तु की उचित समझऔर स्वयं पर विश्वास सफलता का मूल मंत्र है इसे ध्यान में रखते हुए सभी विद्यार्थी अपने लक्ष्य का निर्धारण कर सफलता को प्राप्त करेंगे। संपूर्ण प्रस्तुतीकरण की क्षमता प्रत्येक बच्चे में भिन्न-भिन्न होती है, इसलिए अपनी क्षमता के अनुसार यदि पाठ्यक्रम को दो या तीन भागों में विभाजित कर लिया जाए तो लक्ष्य - प्राप्ति में सफलता मिलती है। अपठित बोध में मूल विषय पर ध्यान केंद्रित करने से शीर्षक और सारांश के प्रश्न हल करने में सहायता मिलती है। विद्यार्थी गद्यांश का उत्तर देने में जल्दबाजी न करें ,पहले विषय को समझे फिर उत्तर दें।
श्रीमती विनीता नेमा माध्यमिक शिक्षक शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सागर


